देहरादून: मियांवाला का नाम बदलने पर भड़के स्थानीय राजपूत, सीएम से की पुनः नामकरण की मांग

मियांवाला का नाम बदलने पर भड़के स्थानीय राजपूत, सरकार से की पुनः नामकरण की मांग
देहरादून: उत्तराखंड की धामी सरकार ने हाल ही में राज्य के 17 स्थानों के नाम बदले हैं, जिनमें देहरादून का मियांवाला भी शामिल है। लेकिन इस बदलाव से स्थानीय राजपूत समुदाय खासा नाराज है। उनका कहना है कि सरकार ने ऐतिहासिक तथ्यों की अनदेखी करते हुए मियांवाला का नाम “रामजीवाला” कर दिया, जबकि यह नाम उनके पूर्वजों के सम्मान में रखा गया था।
नाम परिवर्तन पर उठे सवाल, इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने “मियां” शब्द को मुस्लिम पहचान से जोड़कर गलतफहमी में यह बदलाव कर दिया। जबकि वास्तव में, “मियां” टिहरी रियासत के गुलेरिया राजपूतों को दी गई उपाधि थी, जिसे राजा प्रदीप शाह (1709-1772) ने प्रदान किया था।
इतिहासकारों के अनुसार, राजा प्रदीप शाह की पत्नी हिमाचल प्रदेश के गुलेर रियासत से थीं। विवाह के बाद, उनके साथ गुलेर से आए राजपूतों को “मियां” की उपाधि दी गई और टिहरी रियासत में उन्हें कई जागीरें सौंपी गईं। देहरादून का मियांवाला भी उन्हीं जागीरों में से एक था।
CM को भेजा गया ज्ञापन, नाम वापस लेने की अपील
मियांवाला के निवासियों ने इस फैसले के खिलाफ एक सभा का आयोजन किया और जिलाधिकारी डीएम बंसल के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने मांग की कि यदि प्रशासन ने गलतफहमी के आधार पर यह नाम बदला है, तो इसे तत्काल सुधारा जाए और मियांवाला का नाम फिर से बहाल किया जाए।
क्या सरकार अपने फैसले पर करेगी पुनर्विचार?
नाम परिवर्तन को लेकर बढ़ते विरोध को देखते हुए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है। स्थानीय लोगों की अपील है कि इतिहास से छेड़छाड़ न की जाए और परंपराओं का सम्मान किया जाए।