जब सिस्टम फेल हुआ, तो ग्रामीणों ने खुद थामी नशा विरोधी मुहिम की कमान! 🚫🤚

विकासनगर। एक ऐसा गाँव जो कभी नशाखोरी और तस्करी का अड्डा हुआ करता था… आज वहीं के ग्रामीण खुद दिन-रात पहरा देकर नशे की जड़ें काट रहे हैं! 🌱➡️✂️ यह है कुंजा ग्रांट गाँव की कहानी, जहाँ पुलिस और प्रशासन की नाकामी के बाद ग्रामीणों ने खुद ही #जागतेरहोमिशन की शुरुआत की।
😎 पहचान छिपाकर पहुँचे नेता, ग्रामीणों की मुस्तैदी देख रह गए हैरान!
जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी हाल ही में इस अभियान का जायजा लेने गाँव पहुँचे। उन्होंने अपनी पहचान छिपाई और ग्रामीणों के बीच मौजूद रहे। ग्रामीणों के जज्बे और हौसले को देखकर वह इतने खुश हुए कि उनकी तारीफ किए बिना नहीं रह सके। उन्होंने कहा, “ये वॉलिंटियर्स सच्चे हीरो हैं।” 🦸♂️🦸♀️
⏳ कैसे बना था गाँव ‘नशा का केंद्र’?
नेगी ने बताया कि कई सालों तक यह गाँव नशे का अड्डा बना रहा। पुलिस भी इसके आगे नाकाम हो गई थी। इस काले कारोबार ने इतनी गहरी जड़ें जमा ली थीं कि युवाओं के साथ-साथ महिलाएं भी इसकी चपेट में आ गईं। नशे की लत ने पूरी युवा पीढ़ी को तबाही के कगार पर पहुँचा दिया था। 😔
💥 ग्रामीणों ने ठानी – “अब बस हो चुका!”
जब सिस्टम ने साथ छोड़ दिया, तो ग्रामीणों ने खुद ही फैसला किया कि अब enough is enough! विगत 15 दिनों से वे लगातार पहरा दे रहे हैं। दिन-रात एक करके उन्होंने नशा तस्करों का रास्ता बंद कर दिया है। उनका मिशन साफ है: “नशा तस्करों का इलाज करना।” 👊🔨
🔊 अब चल रहा है जन जागरण अभियान
अब मोर्चा गली-मोहल्लों में जाकर लोगों को नशे के खतरों से आगाह कर रहा है। भविष्य में इसके भयानक दुष्परिणामों के बारे में लोगों को सचेत किया जा रहा है।
📣 दूसरे गाँवों से भी अपील
जन संघर्ष मोर्चा ने आस-पास के अन्य इलाकों के ग्रामीणों से भी आगे आने की अपील की है। उनका कहना है कि हर गाँव को कुंजा ग्रांट की तर्ज पर ऐसा ही अभियान चलाकर नशे की जड़ें उखाड़ फेंकनी चाहिए।
🏆 जल्द मिलेगा वॉलिंटियर्स को सम्मान
मोर्चा जल्द ही इन बहादुर ग्रामीण वॉलिंटियर्स को पुलिस प्रशासन द्वारा सम्मानित करवाने की दिशा में भी काम करेगा, ताकि उनके इस सराहनीय प्रयास को और बल मिल सके।
यह कहानी साबित करती है कि जनता का एकजुट होकर संकल्प, किसी भी बुराई को खत्म कर सकता है। ✨❤️