राशन की कटौती नहीं होगी, गोदामों में इलेक्ट्रॉनिक कांटे से होगी सटीक तौल: रेखा आर्या

प्रदेश में नहीं होगी राशन की कमी, ई-पॉस मशीनों और इलेक्ट्रॉनिक तराजू से होगी पारदर्शी आपूर्ति: रेखा आर्या
देहरादून: अब प्रदेश के किसी भी गांव में राशन की आपूर्ति में कटौती नहीं होगी, क्योंकि सभी गोदामों में इलेक्ट्रॉनिक तराजू स्थापित कर दिए गए हैं। अब राशन की सटीक तौल सुनिश्चित कर ही विक्रेताओं को वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही, प्रदेश में नई ई-पॉस मशीनों के जरिए राशन वितरण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। अप्रैल 2025 से ऊधमसिंहनगर और हरिद्वार में यह प्रणाली लागू होगी, जबकि मई 2025 से प्रदेश के सभी 13 जिलों में यह व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावी हो जाएगी।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की मंत्री रेखा आर्या ने अपने कैंप कार्यालय में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन द्वारा उठाई गई मांगों पर विभाग द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा चुकी है। ऊधमसिंहनगर और हरिद्वार के सभी उचित दर विक्रेताओं को नवीन ई-पॉस मशीनें वितरित की जा रही हैं, जिससे खाद्यान्न का ऑनलाइन वितरण किया जाएगा।
गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में नई व्यवस्था लागू
कुमाऊं मंडल के सभी जिलों में नए सिस्टम इंटीग्रेटर के जरिए ई-पॉस मशीनें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, जबकि गढ़वाल मंडल में अप्रैल 2025 के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। मई से पूरे राज्य में यह प्रणाली लागू होगी, जिससे राशन वितरण अधिक पारदर्शी और सुगम होगा।
राशन विक्रेताओं के लिए राहत
राज्य के सभी खाद्यान्न गोदामों में इलेक्ट्रॉनिक तराजू लगाए जा चुके हैं, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होगी। गढ़वाल और कुमाऊं संभाग के खाद्य नियंत्रकों और जिला पूर्ति अधिकारियों को आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक तराजू खरीदने की स्वीकृति भी दी गई है।
रेखा आर्या ने बताया कि केंद्र सरकार से “प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना” के अंतर्गत 56 करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हुआ है, जिससे राशन विक्रेताओं के लाभांश और परिवहन खर्च की राशि शीघ्र ही खातों में हस्तांतरित कर दी जाएगी। इसके अलावा, गेहूं आधारित पोषाहार (WBNP) के लिए भी नई व्यवस्था की गई है, जिसमें जनपदों की वास्तविक मांग के अनुसार बजट आवंटित होगा।
नेट डेटा भी मिलेगा मुफ्त
राशन विक्रेताओं की मांग को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि उन्हें नवीन ई-पॉस मशीनों के साथ निःशुल्क इंटरनेट डेटा भी उपलब्ध कराया जाएगा। भविष्य में हर महीने यह सुविधा जारी रखी जाएगी, जिससे राशन वितरण व्यवस्था को डिजिटल और अधिक सुचारु बनाया जा सके।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अक्टूबर-दिसंबर 2024 के लिए 8.63 करोड़ रुपये का लाभांश जनपदों को आवंटित कर दिया गया है। राज्य खाद्य योजना के तहत भी राशन विक्रेताओं को ₹180 प्रति क्विंटल के हिसाब से लाभांश देने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।
प्रदेश में डिजिटल राशन वितरण व्यवस्था लागू करने से पारदर्शिता बढ़ेगी और राशन की कालाबाजारी पर रोक लगेगी। सरकार का यह कदम प्रदेश के नागरिकों को सुचारु और निष्पक्ष खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।